प्राइमरी स्कूल में अध्यापक कैसे बने? | शैक्षिक योग्यता, आयु व वेतन

नमस्कार दोस्तों अगर आप एक प्राइमरी शिक्षक बनना चाहते हैं तो? इसकी संपूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए आप हमारे लेख में अंत तक बने रहें। आज के समय में हर कोई चाहता कि वो अपने जीवन में सफलता प्राप्त करे। उसकी की खुद की पहचान हो।

हमारे देश में बहुत सारे लोग अच्छा नाम तथा अच्छा पद पाने के लिए पढ़ाई करते हैं। कोई इंजीनियर बनना चाहता है, कोई बकील, कोई डॉक्टर तो कोई अध्यापक। अध्यापक का पद प्राप्त करना भी एक सम्मानजनक पद है।

सफलता प्राप्त करने के लिए बहुत सारे लोग मेहनत भी करते हैं लेकिन सबको सफलता नहीं मिलती क्योंकि सफलता प्राप्त करने के लिए एक निश्चित लक्ष्य और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है।

जैसे अगर आप एक प्राइमरी अध्यापक बनना चाहते हैं तो आपको जानकारी होनी चाहिए कि प्राइमरी अध्यापक बनने के लिए क्या एज होनी चाहिए? क्या एजुकेशन क्वालिफकेशन होनी चाहिए? क्या सिलेबस होता है? कैसे तैयारी करना चाहिए?

प्राइमरी अध्यापक कौन होता है?

भारत सरकार और हमारे देश के राज्यों की सरकारे कई तरह के स्कूल संचालित करती हैं उनमें से एक कक्षा 1 से 5 तक संचालित होने वाले स्कूल भी होते हैं।

इन स्कूलों को “प्राइमरी स्कूल” कहते हैं और इनमें जो अध्यापक शिक्षण कार्य करते हैं उन्हें “प्राइमरी स्कूल के अध्यापक ” कहते हैं। वैसे हमारे देश में प्राइवेट स्कूल भी संचालित होते हैं और उन प्राइवेट स्कूल में 1 से 5 तक की कक्षा को जो शिक्षक पढ़ाते हैं उन्हें भी प्राइमरी अध्यापक कहते हैं।

प्राइमरी स्कूल का अध्यापक बनने के लिए क्वालिफिकेशन

  • प्राइमरी अध्यापक बनने के लिए अभ्यर्थी साइंस, आर्ट तथा कॉमर्स में से किसी भी विषय से इंटर(12वीं ) पास होना चाहिए
  • अभ्यर्थी की साइंस, आर्ट तथा कॉमर्स में से किसी भी एक विषय से ग्रैजुएशन कंपलीट होनी चाहिए।
  • ग्रेजुएट होने के साथ ही अभ्यर्थी के डी एल एड ( बीटीसी) का डिप्लोमा होना चाहिए।
  • सरकारी प्राइमरी अध्यापक बनने के के लिए अभ्यर्थी का टीईटी(TET) पास करना अनिवार्य होता है। राज्य सरकार प्रत्येक वर्ष टीईटी एग्जाम कराती है और ये दो लेवल पर होते है- प्राइमरी और जूनियर। अगर आपको प्राइमरी अध्यापक बनना है तो आपको इसमें सम्मिलित होकर इसका प्राइमरी लेवल का एग्जाम पास करना जरूरी होता है ।
  • इसी तरह प्रत्येक वर्ष सेंट्रल गवर्मेंट भी वर्ष में दो बार सीटेट (CTET) एग्जाम कराती है। ये भी दो लेवल पर होते है- प्राइमरी तथा जूनियर। अगर आप इसका प्राइमरी लेवल का एग्जाम पास कर लेते है तो भी आप प्राइमरी स्कूल में अध्यापक बन सकते है।
  • अगर आपको प्राइवेट स्कूल में प्राइमरी अध्यापक बनना है तो आपको टीईटी व सीटेट दोनों में से किसी की भी आवश्यकता नहीं है आप ऐसे ही बन सकते है।

प्राइमरी स्कूल में अध्यापक बनने के लिए पात्रता

  • अभ्यर्थी की उम्र 21 से 40 वर्ष होनी चाहिए। लेकिन आरक्षित व विकलांग वर्ग के लोगो को आरक्षण के नियमानुसार उम्र में छूट मिलती है।
  • अभ्यर्थी के ग्रेजुएट होने के अलावा उसके पास एलीमेंट्री एजुकेशन में डिप्लोमा होना आवश्यक है।
  • अभ्यर्थी राज्य व केंद्र सरकार द्वारा आयोजित की जाने वाली टीईटी व सीटेट में से कोई भी एक प्राइमरी लेवल की परीक्षा पास होना चाहिए।

प्राइमरी अध्यापक का वेतन, भत्ते तथा अन्य लाभ

अगर आप प्राइमरी अध्यापक की नौकरी पा लेते हो तो आपको सरकार सैलरी के अलावा कई प्रकार के भत्ते और उन बहुत सारी सुख सुविधाओं का लाभ देती है। और यह सब आपकी सर्विस के अनुसार बढ़ते जाते हैं। चलो अब प्राइमरी अध्यापक को मिलने वाले भक्तों की बात करते हैं

भत्ते और लाभ

  1. चिकित्सा भत्ता
  2. मकान किराया भत्ता
  3. परिवहनभत्ता
  4. महंगाई भत्ता
  5. आवास (यदि उपलब्ध हो तो)
  6. इंटरनेट भत्ता
  7. गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिला अध्यापक को 12 सप्ताह का मातृत्व अवकाश
  8. गर्भावस्था के दौरान महिला अध्यापक को अवकाश
  9. अन्य भत्ते

वेतन

अगर आप एक प्राइमरी स्कूल के अध्यापक बन जाते है तो सरकार आपको लगभग 40000 के आसपास वेतन देती है।

ये वेतन 4200 ग्रेड पे के अनुसार होता है। ये विभिन्न राज्यो में 40000 से थोड़ा कम या ज्यादा हो सकता हैं। ये भी आपकी सर्विस के अनुसार बढ़ता रहता है।

निष्कर्ष

आज हमने आपको अपने इस लेख में जानकारी दी कि प्राइमरी शिक्षक कैसे बने? प्राइमरी शिक्षक कौन होता है? प्राइमरी शिक्षक बनने के लिए क्या पात्रता व शैक्षिक योग्यता होती है? क्या सैलरी होती है? आशा करता हूं कि हमारे द्वारा दी गई जानकारी से आप संतुष्ट हैं।

बाकी प्राइमरी शिक्षक से जुड़ी किसी अन्य जानकारी से के लिए आप हमें कमेंट कर सकते हैं।

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